युवाचार्य श्री ने TPF और धर्मसंघ के 'योगक्षेम' पर दिया ओजस्वी उद्बोधन

लाडनूं। 23 अगस्त, 2026
जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, महातपस्वी, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी ने जैन विश्व भारती परिसर में ‘काल प्रतिलेखना से क्या मिलेगा?’ विषय पर उत्तरज्झयणणि आगम के माध्यम से चतुर्विध धर्मसंघ को अमृत देशना प्रदान की।
काल प्रतिलेखना का मर्म और प्राचीन काल-ज्ञान :
१. प्राचीन समय-प्रबंधन की विधा : पूज्य आचार्यश्री ने फरमाया कि साधुचर्या में प्रतिदिन उपकरणों और समय (काल) का प्रतिलेखन करने का विधान है। प्राचीन समय में घड़ी जैसे यंत्र न होने पर रात्रि में नक्षत्र विद्या/दिक् प्रतिलेखन तथा दिन में सूर्य की छाया के घटने-बढ़ने के आधार पर समय का सूक्ष्म अनुमान लगाया जाता था।
२. ज्ञानावरणीय कर्म का क्षय : आगम के अनुसार सही समय पर स्वाध्याय और धर्म-साधना (काल प्रतिलेखना) करने से ज्ञानावरणीय कर्मों का परिमार्जन और क्षय होता है।
आधुनिक 'टाइम मैनेजमेंट' और केवली समुद्घात का आदर्श:
१. तनावमुक्त और व्यवस्थित जीवन: समय का ऐसा सटीक नियोजन हो कि व्यक्ति अत्यधिक व्यस्तता के बावजूद शांत रहे और दिमाग में कोई तनाव या अस्त-व्यस्तता न आए। 
 प्राथमिकता के आधार पर महत्वपूर्ण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना चाहिए।
२. केवली समुद्घात से सीख : आचार्यश्री ने तात्विक दृष्टि से टाइम मैनेजमेंट का सबसे सटीक उदाहरण 'केवली समुद्घात' को बताया। स्वयं आचार्यश्री भी विशाल संघ के कार्यों को प्राथमिकता के अनुसार सुनियोजित समय-प्रबंधन से ही संपादित करते हैं।
३. साधु-साध्वियों के लिए पावन पाथेय : साधु-साध्वियों और श्रावकों को अपनी दिनचर्या का एक व्यवस्थित टाइम-टेबल बनाकर जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना चाहिए तथा रात-दिन सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए।
४.Duty is Beauty : गुरुदेव ने समझाया कि जिसकी जो ड्यूटी (जिम्मेदारी) है, उसे Duty is Beauty : 'मानकर निष्ठा और जागरूकता के साथ निभाना चाहिए।
युवाचार्य श्री का 'योगक्षेम' और TPF को पावन उद्बोधन:
१. प्राचीन परंपराओं की सुरक्षा और नया अर्जन: युवाचार्य श्री महावीर कुमार जी ने 'हो हमारा योगक्षेम' विषय पर विचार व्यक्त करते हुए फरमाया कि 'योगक्षेम वर्ष' के अंतर्गत जहाँ धर्मसंघ की सुरक्षा (क्षेम) और प्राचीन आचार-विचारों की रक्षा हो रही है, वहीं नए साध्य की प्राप्ति (योग) पर भी मंथन चल रहा है।
२. TPF को आध्यात्मिक लक्ष्य का संदेश: युवाचार्यश्री ने तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (TPF) को एक सामाजिक के साथ-साथ आध्यात्मिक संस्था बताते हुए आह्वान किया कि TPF के सदस्य धर्मसंघ के योगक्षेम में सहयोग देते हुए अपने मूल आध्यात्मिक लक्ष्य 'मोक्ष' की ओर निरंतर कदम बढ़ाते रहें।
ISRO के पूर्व चेयरपर्सन डॉ. किरण कुमार ने भावाभिव्यक्ति प्रस्तुत की।